शिक्षक बनने के लिये स्नातक में 50 फीसदी अंक जरूरी नहीं

शिक्षक बनने के लिये स्नातक में 50 फीसदी अंक जरूरी नहीं

शिक्षक बनने के लिए अब स्नातक में 50% अंक जरूरी नहीं। स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए बीएड के अलावा स्नातक में 50 फीसदी अंको की अनिवार्यता को सुप्रीम कोर्ट ने खत्म कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय शिक्षण प्रशिक्षण परिषद एनसीटीई से कहा है कि वह एक माह में अंकों की इस अनिवार्यता को खत्म करने की अधिसूचना जारी करें। कुछ अभ्यार्थियों को यूपी में अंक प्रतिशत की अनिवार्यता के कारण नौकरी से हटा दिया गया था। उसे कहा गया कि प्रशासन के समक्ष अपना केस रखें,प्रशासन एक माह के अंदर उनके मामलों पर कानून के अनुसार निर्णय लेगा। जस्टिस आदर्श गोयल और जस्टिस यू-यू ललित की पीठ ने 25 जुलाई को नीरज कुमार यादव तथा अन्य की याचिका स्वीकार करते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को यह आदेश दिया। आपको बता दे यह फैसला भले ही यूपी के संदर्भ में आया है लेकिन इसका फायदा पूरे देश के युवाओं को मिलेगा। दरअसल एनसीटीई ने स्कूल अध्यापक के लिए अन्य योग्यता के साथ-साथ स्नातक में 50% अंकों की अनिवार्यता का नियम लागू किया था।


मामला इस प्रकार हैं :

शिक्षक बनने के लिए 50% अंकों की वैधता को लेकर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ नीरज कुमार राय और अन्य सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी फैसले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एनसीटीई के 29 मई 2011 का अधिसूचना को दी गई चुनौती को खारिज कर दिया था अधिसूचना में शिक्षक बनने के लिए अपनी योग्यताओं के अलावा स्नातक में 50% अंकों की अनिवार्यता कर दी गई थी।

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